Dahej Pratha Par Nibandh 100 से 1000 शब्दों में

 

Dahej Pratha के बारे में हमने पिछले लेख में आप सब को बताया था आप दोस्तों हम आपको Dahej Pratha par nibandh ले कर आये है आज बहुत से स्कूल में जो बच्चे class 8 , class 9 या फिर जो बच्चे हाई स्कूल में पढ़ते है जैसे दहेज प्रथा पर निबंध class 12 पे पढ़ते है उनके बहुत से समय dahej के ऊपर निबंध लिखने के लिए दिया जाता है. बहुत बहुत से छात्र उस निबंध को अच्छे से नहीं लिख पते है तो उसके लिए इस लेख में हम निबंध दहेज प्रथास ले कर आये है.
इस लेख में हम आप सबके लिए छोटे से लेकर बढे लेख जैसे दहेज प्रथा पर 300 शब्दों में निबंध या फिर दहेज प्रथा पर निबंध 250 शब्दों में में लाये है जिसका प्रयोग कर या हमारे लेख को आप अपनी भाषा में लिख कर दहेज़ के ऊपर निबंध लिख सकते है.

दहेज प्रथा पर निबंध कैसे लिखें

दहेज़ प्रथा पर हमे निबंध लिखने के लिए हमें दहेज़ क्या है और इसके समाज में क्या नुक्सान है इसके बारे में जानना बहुत जरुरी है. अगर हम इन सब विषयों के बारे में नहीं जानेंगे तो हम दजेह प्रथा तो क्या किसी भी चीज के ऊपर लेख नहीं लिख सकते है. दहेज़ पर लेख लिखते समय आप इन विषयो पे ज्यादा ध्यान दे दहेज़ से भ्रस्ताचार और भुरून हत्या , महिलायों के परिवार में आर्थिक संकट जैसे पॉइंट्स को आप नोट कर ले. जो दहेज़ प्रथा पर निबंध जिसे इंग्लिश में essay लिखने में मदद मिलेगा. चलिए पढ़ते है और जानते है दहेज प्रथा के बारे में निबंध के जरिये 

दहेज प्रथा पर निबंध 100 शब्दों में.

दहेज प्रथा एक सामाजिक समस्या है। जो महिलाओं के अधिकारों को कमजोर बनती है और समाज में लड़की और लड़की के बीच असमानता पैदा करती है। दहेज की मांग के कारण लड़की के परिवार वालो को आर्थिक और मानसिक दबाव में डालती है। इसके परिणाम स्वरूप, बहुत सी महिलाएं आत्महत्या करती हैं। इसलिए हमें दहेज़ प्रथा के विरुद्ध सामाजिक जागरूकता फैलानी चाहिए और लोगो को इस विषय में शिक्षित होने के लिए लड़कियों को सशक्त बनाने की आवश्यकता है। भारत सरकार कोइस दहेज़ प्रथा जैसा कुसंस्कार/वयवस्था को तानाशाही के खिलाफ कड़े कानून बनाने चाहिए जो दहेज प्रथा को रोके। हमें इस विषय में एक  साथ समरस्थ, समानतापूर्ण और न्यायपूर्ण समाज की ओर बढ़ना होगा। तभी जा कर ये दहेज़ प्रथा का अंता हमारे समाज से ख़तम हो पायेगा.
दहेज़ प्रथा की इस निबंद को आप class 8 और class 9 के बच्चो के लिए उपयोग कर सकते है 

दहेज प्रथा पर 300 शब्दों में निबंध:

इस दहेज़ प्रथा की निबंध को आप class 9, 10, 11, 12 में प्रयोग कर सकते है 
दहेज प्रथा एक सामाजिक बुराई है जो आज भी हमारे समाज में अपनी पाठशाला चला रही है। यह एक पुरानी परंपरा है जिसमें विवाह के समय दुल्हन के परिवार से दौलत और संपत्ति के रूप में उपहार, नगद राशि जैसे चीजों की मांग की जाती है। इसकी शुरुवात समाज के लोगो ने खुद किया है दहेज़ प्रथा महिलाओं को जीवन की खुशियों से वंचित करती है और उन्हें एक अधीनता भाव देती है।
दहेज प्रथा के पीछे कई कारण हैं। परंपरागत नीची सोच और लोगों के दिमाग में घातक मान्यताएं इसे जिंदा रखती हैं। इसके अलावा, दहेज के मांग करने वाले लोग समाज में उच्च दर्जे की प्राथमिकता देते हैं, जो उन्हें स्वयं को शोभा देने के लिए जरूरी समझते हैं।
दहेज प्रथा के परिणाम स्वरूप, लड़की वालों को अधिकांश बर्तन, सामान,वस्त्र, गहने और धनराशि देने के लिए मजबूर किया जाता है। ऐसे मामलों में, बहुत से लोगों को गरीबी और ऋणबद्धता का सामना करना पड़ता है। दहेज प्रथा महिलाओं को समाज की निराशा और तनाव के निशान बनाती है। और लड़के और लडकियों में अंतर को दर्शाती है. दहेज प्रथा को रोकने के लिए, हम समाज के लोगो को एक सकारात्मक सोच रखना जरुरी है ।और साक्षरता और शिक्षा के माध्यम से सभी लोगों को जागरूक करना चाहिए कि यह अनुचित है। सरकार को भी कठोर कानून और नियमों को लागू करने की जरूरत है ताकि इस प्रथा को रोका जा सके। साथ ही, धर्मिक गुरुओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं को भी इस मुद्दे पर जागरूकता फैलानी चाहिए।
दहेज प्रथा को खत्म करना आवश्यक है ताकि हमारे समाज में महिलाओं को आत्मनिर्भर और सम्मानित बनाया जा सके। हमें एक समाज बनाना चाहिए जहां महिलाएं अपने अधिकारों का पूर्णतः लुफ्त उठा सकें और उन्नति कर सकें। दहेज प्रथा को जड़ से उखाड़ फेंकना होगा ताकि हम समग्र समाज के विकास की ओर प्रगति कर सकें।

दहेज प्रथा पर निबंध 250 शब्दों में

दहेज प्रथा भारतीय समाज में एक गंभीर समस्या है। यह सामाजिक अधिकारों और स्वतंत्रता के उल्लंघन का प्रतीक है। दहेज के रूप में धन, स्वर्ण, सोने-चांदी, वस्त्र और सामग्री के रूप में विवाह में लड़की के परिवार द्वारा प्रदान की जाती है।
दहेज की प्रथा महिलाओं के अधिकारों को घटा देती है और उन्हें समाज में असमानता का सामना करना पड़ता है। यह सोचते हुए कि उनकी संपत्ति उनके विवाह के समय उनके परिवार द्वारा दी जाएगी, कई लोग बेटियों की प्राकृतिक और विद्यार्थी विकास को अनदेखा करते हैं।
दहेज की मांग के चलते कई महिलाएं जीवन के लिए आत्महत्या भी कर लेती हैं। इसके अलावा, इस प्रथा ने अनेक लड़कियों के शादी के लिए माता-पिता को आर्थिक दुश्वारता में डाल दिया है।
इस समस्या का समाधान करने के लिए, हमें समाज को जागरूक करने और शिक्षित होने के लिए लड़कियों को सशक्त बनाने की आवश्यकता है। सरकार को
 ऐसे कड़े कानून बनाने चाहिए जो दहेज प्रथा के खिलाफ हों। साथ ही, मानवीयता, संज्ञान और नैतिकता को बढ़ावा देना चाहिए।
दहेज प्रथा एक घातक समस्या है और हमें इसे जड़ से उखाड़ फेंकने की जरूरत है। हमारी सोच और सामाजिक संरचना में परिवर्तन के माध्यम से, हम एक समरस्थ, समानतापूर्ण और न्यायपूर्ण समाज की ओर बढ़ सकते हैं जहां हर लड़की अपने अधिकारों का लाभ उठा सकती है और उसे बिना किसी दबाव के स्वतंत्रता का आनंद लेने का मौका मिलता है।

निषकर्ष :

दोस्तों हमारे इस लेख दहेज़ प्रथा पर निबंध से आपको अपने स्कूल या कॉलेज के लिए निबंध लिखने में सहायता प्रदान करेगी. अगर आपको हमारा यह लेख पसंद आये तो अपने दोस्तों के साथ साँझा करे. ताकि आगे भी हम ऐसी लेख लिखने के लिए प्रेरित होते रहे.
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